मधुमेह और रक्तचाप दूर हुआ, शिवाम्बु अपनाने से।
सौ. सुमन सोनवणे
मु.पो. चान्दा, ता नेवास,
जि. अहमदनगर, महाराष्ट्र
9923233723
हमारे डॉ. नितीन पाटील और सारंग पाटील ने अपने पिताजी डॉ. शशी पाटील के कदम पे कदम रखके उनके कार्य में तप्तर रहकर लोगों की पीडा का निर्मूलन और पिडीतों की पीडा दूर करने का कार्य कर रहे है। यहां पर पिडीतों की पीडा दूर करने के साथ साथ उनके मन को निर्मल तथा शांत बना देते है। आनंदकुंज यह एक हॉस्पिटल नहीं हैं, बल्कि एक रोगमुक्ति का धाम ही है। इस धाम में जो भी आकर रहेगा वह सचमुच ही आरोग्य संपन्न जीवन जीना सीख जायेगा।
मैं और मेरे पती उनकी दुर्धर वेदनाओं को साथ में लेकर आयी थी। मुझे डायबिटीस, उच्चरक्तचाप और पुरानी सर्दी ने बहुत हैरान करके छोडा था। मेरे पती तो अपनी जींदगी से तंग आ चुके थे । इतनी हैरानी सहते हुए उन्हें लग रहा था कि अभी कुछ ही दिन का मेहमान हूँ। मेरा भी यही हाल था। मुझे संधीवात, घुटनों का दर्द नहीं सहा जा रहा था। अनेक डॉक्टरों ने मेरा ऑपरेशन करवाने की सलाह दी थी। लेकिन शिवाम्बु भवन के बारे में जानकारी प्राप्त करने के बाद हमनें फैसला कर लिया की शिवाम्बु भवन में ही उपचार करायेंगे।
इसमें माँर्निग वॉक, योगासन, प्राणायाम, मॅग्नेट उपचार, सूर्यस्नान, विविध बिमारीयों के बारे में शाम के सत्संग के कार्यक्रम में होनेवाले लेक्चर्स आदी अनेक उपचार थे। इन्ही उपचारों का बहुत फायदा हमने ले लिया। और मुझे लगता है कि हर एक आदमी ये लाभ ले लेगा, तो वो बहुत ही भाग्यशाली हो जायेगा।
मानव कहीं भी जायें और कहीं भी रहें। उन्हे हमेशा सबसे ज्यादा जरूरत पडती है, प्यार की। हर मेहमानों के यहां तो प्यार मिलता ही हैं, लेकिन मुझे नहीं लगता कि किसी हॉस्पिटल में प्यार के साथ बर्ताव किया जाता हो। लेकिन आनंद्कुंज के डॉक्टर तो पहले से ही मानवप्रेमी रहे हैं। और इनके साथ साथ यहां के सभी कर्मचारीयों को गौर से देखा जायें तो वे यहां के कर्मचारी नहीं लगते बल्कि सभी जन एकही परीवार के लगते हैं। और वे रुग्ण को भी अपने परीवार के सदस्य मानते हैं।
इस पवित्र और महान कार्य करने के लिये इश्वर यहां के सभी कर्मचारीयों को बडी से बडी शक्ती दें। धन्यवाद !